ओशो सत्‍संग/ OSHO SATSANG

जोगी तु क्यों आया मेरे द्वारा। तेरी आंखों में नहीं दिखता सपनों का अब वो संसार। जोगी तु क्यों आया मेरे द्वार.......... Mansa

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शनिवार, 12 मई 2018

मार्ग की अनुभुतिया-सन्यास का फूल

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सन्यास का फूल- सन्यास की यात्रा से पहले जीवन में कुछ पडाव कुछ घटनाये घटित होती है , जो इतनी मंद्र ओर अनछुई सी होती है कि उन्हें ...
रविवार, 6 मई 2018

पूना एक तीर्थ-यात्रा-2018

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पूना एक तीर्थयात्रा— पूना में गुजारे 21 दिन बहुत ही अभुत पूर्व थे ,   या ये समझ ली जिए कि प्यास अधिक थी या जल की मात्रा प्रचुर हो गई ...
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ओशो ने अंधकार से प्रकाश की ओर गति दि मानों अंधे को दो आंखें-जीवन जीने की कला एक साहरा एक मार्ग दिया

osho gana
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