सबै सयाने एक मत-(संत दादू)
दिनांक : 12 सित्म्बर, सन् 1975,
श्री रजनीश आश्रम, पूना।
प्रार्थना क्या है?
प्रश्न-सार:
1—क्या प्रार्थना ही पर्याप्त है?
2—हम अंधे हैं, अंधकार में जी रहे हैं।
प्रकाश का कुछ अनुभव नहीं।
ऐसी अवस्था में हम प्रार्थना क्या करें?
3—आपने कहा कि पाप की स्वीकृति से पात्रता का जन्म होता है।
लेकिन उसी से आत्मदीनता का जन्म भी तो हो सकता है!
4—दादू की खोज जिज्ञासु की थी या साधक की या भक्त की?





