प्रेम—पंथ ऐसो कठिन-(प्रश्नोत्तर)-ओशो
प्रवचन—चौदहवां
दिनांक 09 अप्रेल सन् 1979,
ओशो आश्रम, कोरेगांव पार्क पूना।
प्रश्न-सार:
1—क्या मेरे सूखे हृदय में भी उस परम प्यारे की
अभीप्सा का जन्म होगा?
2—आप वर्षों से बोल रहे हैं। फिर भी आप जो कहते
हैं वह सदा नया लगता है।
इसका राज क्या है?
3—मैं संसार को रोशनी दिखाना चाहता हूं। मैं इस
महत कार्य को प्रारंभ कैसे करूं?
सज्दों से अब तिश्नगी नहीं बुझती
4—जज्ब हो जाऊं रजनीश तेरे आस्ताने में।





