प्यारे ओशो,
यहां पृथ्वी पर सबसे बड़ा पाप क्या रहा है? क्या यह उसका कथन नहीं थी जिसने कहा : 'धिक्कार है उनको जो हंसते हैं!'
क्या स्वयं उसने पृथ्वी पर हंसने का कोई कारण नहीं पाया? यदि ऐसा है तो उसने खोज बुरी तरह की। एक बच्चा भी कारण पा सकता है।
उसने — पर्याप्त रूप से प्रेम नहीं किया : अन्यथा उसने हमको भी प्रेम किया होता हसनेवालो को! लेकिन उसने घृणा की और हम पर ताने कसे उसने शाप दिया कि हम बिलखें व दांत
किटकिटाएं।
ऐसे समस्त गैर— समझौतावादी मनुष्यों से बचो! वे दीन व रुग्ण प्रकार के हैं भीड़ वाले प्रकार के : वे इस जीवन को दुर्भावना से देखते हैं इस पृथ्वी के प्रति उनके पास कुदृष्टि है। ऐसे समस्त गैर— समझौतावादी मनुष्यों से बचो! उनके पैर बोझिल व हृदय उमसदार हैं — वे नहीं जानते कि नाचना कैसे ऐसे मनुष्यों के लिए पृथ्वी हलकी कैसे हो सकती है!...
















