पिव पिव लागी प्यास-(दादू दयाल)-प्रवचन-10
जिज्ञासा-पूर्ति:पांच
प्रवचन दसवां ,
दिनांक २०.७.१९७५, प्रातःकाल,
श्री रजनीश आश्रम, पूना
प्रश्नसार:
1— दादू और कबीर जिस गुरु-महिमा
की चर्चा करते हैं, उसे हम आप में पा लिए हैं।
2— सदगुरु भी मिल गए, फिर भी अगला कदम अस्पष्ट क्यों है?
3— जिस शोले को आपने मेरे भीतर
से कुरेदकर जला दिया....
4— भय से किया गया समर्पण
निर्भयता को कैसे उपलब्ध होगा?
5— प्रवचन के समय आपकी कोई कोई
ध्वनि सुनकर मैं कांप जाता हूं, डर जाता हूं।
6— अभी हम हैं आपके सामने, वह क्या एक लंबा सपना है?

