सूत्र:
ण वि दुक्खं ण वि सुक्खं, ण वि पीडा णेव विज्जदे बाहा।
णवि मरणं ण वि जणणं,तत्थेव य होई णिव्वाणं।। 156।।
ण वि इंदिय उवसग्गा, तत्थेव य होइ णिव्वाणं।
ण य तिण्हा णे व छुहा, तत्थेव य होइ णिव्वाणं।। 157।।
ण वि कम्मं णोकम्मं, ण वि चिंता णेव अट्टरूद्दाणि।
ण वि धम्मसुक्कझाणे, तत्थेव य होइ णिव्वाणं।। 158।।
णिव्वाणं ति अवाहंति,सिद्धीलोगाग्गमेव य।
खेमं सिवं अणाबाहं, जं चरंति महेसिणो।। 159।।
लाउअ एरण्डफले, अग्गीधूमे उसू धणुविमुक्के।
गइ पुव्वपओगेणं, एवं सिद्धाण वि गती तु।। 160।।
अव्वाबाहमणिंदिय—मणोवमं पुण्णपावणिम्मुक्कं।
पुणरागमणविरहियं, णिच्चं अचलं अणालंबं।। 161।।
